जल की बूँद-बूँद कीमती है।  *****  स्नान बाल्टी में पानी भरकर करे, फव्वारे से नहीं।  *****  शेव व दंत मंजन मग में पानी भरकर करें, नल लगातार चालू रखकर नहीं।  *****  कपडों की धुलाई बाल्टी में पानी भरकर करें, नल लगातार चालू रखकर नहीं।  *****  वाहन बाल्टी में पानी भरकर साफ करें, नल से पाईप लगाकर नहीं।  *****  पौधे लगे गमलों में पानी मग से डालें, नल में पाइप लगाकर नहीं।  *****  घर के फर्श की धुलाई बाल्टी से पानी डालकर करें, नल में पाइप लगाकर नहीं।  *****  खराब नल से टपकता पानी बंद करने के लिये तुरन्त कार्यवाही करें, आलस नहीं।  *****  जल सम्पदा सीमित है इसका मितव्ययता पूर्वक सदुपयोग करें, अपव्यय नहीं।  *****  जब पानी बिकेगा तोल, तब समझोगे इसका मोल!  *****  बूँद-बूँद पानी, बचाऐ सो ज्ञानी।


 

 

 

 

 


विभागीय संरचना
(जनवरी 2008)

जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग - संरचना

यद्यपि पेयजल प्रबन्धन प्रान्त की परम्परा रही है। तथापि इस क्षेत्र में विशेष कार्य स्वतंत्रता के पश्चात प्रारम्भ हुआ। प्रारम्भ यह कार्य सार्वजनिक निर्माण विभाग के अधीन था। बाद में प्रान्त की परिस्थतियां एवं इस क्षेत्र में अधिक कार्य की आवश्यकता को देखते हुये वर्ष 1965 में जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग की स्थापना हुई। आवश्यकता तथा कार्यभार के संदर्भ में क्रमश: विभाग का विस्तार हुआ तथा वर्तमान स्थिति सामने आई। 

विभाग मुख्य दो भागो में निम्न प्रकार संरचित है :- 

1- राजस्थान जलप्रदाय एवं सीवरेज प्रबन्ध मण्डल
2- जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग 


उपरोक्त वर्णित भागों का सूक्ष्म में विवरण निम्न प्रकार है। 

राजस्थान जल प्रदाय एवं सीवरेज प्रबन्ध मण्डल 

जैसा कि नाम से भी स्पष्ट है, राजस्थान जलप्रदाय एवं सीवरेज प्रबन्ध मण्डल का प्रमुख कार्य विभागीय गतिविधियों का प्रबन्ध,नीतिगत निर्णय, बडी़ योजनाओं की स्वीकृति, धन प्रबन्धन आदि है। संदर्भित बोर्ड के अध्यक्ष माननीय मंत्री महोदय, जन स्वास्थ्य अभियात्रिकी विभाग है और इस बोर्ड में वित्त विभाग, स्थानीय निकाय विभाग, आयोजना विभाग, पंचायती राज और ग्रामीण विकास विभाग का प्रतिनिधित्व है। विभाग के तकनीकी सदस्य वित्तिय सलाहकार एवं मुख्य लेखाधिकारी और अन्य मुख्य अभियन्ता इसके सदस्य है।

इस प्रबन्ध मंडल की मुख्य समितियां निम्न प्रकार है। 

1- कमेटी ऑफ डॉयरेक्शन
2- नीति निर्धारण समिति
3- एमपावर्ड समिति
4- वित्त समिति
5- तकनीकी समिति
6- स्टॉफ समिति

1- कमेटी ऑफ डॉयरेक्शन -

कमेटी ऑफ डायरेक्शन में माननीय मंत्री महोदय, जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग , माननीय मंत्री महोदय, वित्त विभाग एवं माननीय मंत्री महोदय, आयोजना विभाग सदस्य है। कमेटी की बैठक माननीय मंत्री महोदय, जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग की अध्यक्षता में होती है। 

2- नीति निर्धारण समिति -

नीति निर्धारण समिति के अध्यक्ष माननीय मंत्री महोदय, जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग है और इसके सदस्यो में शासन प्रमुख सचिव, जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग, विभाग के मुख्य अभियन्ता और वित्तीय सलाहकार एवं मुख्य लेखा धिकारी है इस समिति के में वित्त एवं आयोजना विभाग का प्रतिनिधित्व भी होता है। 

नीति निर्धारण समिति नीति विषयक मामलों पर चर्चा कर उन्हे निर्णित करती है और इसी समिति के द्वारा निर्णित नीति पर विभाग के कार्यकलाप आधारित है। रु. 25 करोड से अधिक लागत की योजनाओं को इस समिति के द्वारा स्वीकृति दी जाती है। 

3- एमपावर्ड समिति -

इस समिति के अध्यक्ष माननीय  राज्य मंत्री महोदय जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग है और समिति में शासन प्रमुख सचिव जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग हैं  इसमें  आयोजना विभाग तथावित्त विभाग काभी प्रतिनिधित्व होता है। जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग के मुख्य अभियन्ता और वित्तिय सलाहकार एवं मुख्य लेखाधिकारी इसके सदस्य होते है। रु. 5 करोड से अधिक परन्तु रु. 25 करोड लागत तक की योजनाओं को इस समिति के द्वारा स्वीकृति दी जाती है।

4- वित्त समिति -

शासन प्रमुख सचिव जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग इस समिति के अध्यक्ष है एवं बोर्ड के वित्तिय सलाहकार एवं मुख्य लेखाधिकारी एवं मुख्य अभियन्तागण इस समिति के सदस्यगण है। इस समिति में वित्त विभाग का भी प्रतिनिधित्व है।  यह समिति खरीद के सभी मामले हेतु सक्षम है। रु. 5 करोड लागत तक की योजनाओं को इस समिति द्वारा स्वीकृति की जाती है।  

5- तकनीकी समिति

तकनीकी समिति में विभाग के एक मुख्य अभियन्ता जो बोर्ड के तकनीकी सदस्य है इस समिति के अध्यक्ष है एवं बोर्ड के वित्तिय सलाहकार एवं मुख्य लेखाधिकारी एवं मुख्य अभियन्तागण इस समिति के सदस्यगण है। तकनीकी समिति को तकनीकी विषयकों के निस्तारण का पूर्ण अधिकार है और तकनीकी स्वीकृति दिये जाने के लिये यह समिति पूर्ण रुप से सक्षम है। अन्य मामले तकनीकी समिति अपने स्तर पर परिक्षण कर उन्हे स्वीकृति के लिये वित्त समिति को प्रस्तुत करती है। 

6- स्टॉफ कमेटी -

वित्त सचिव स्टॉफ कमेटी के अध्यक्ष है और शासन प्रमुख सचिव, जन स्वास्थ्य अभियात्रिकी विभाग, तकनीकी सदस्य, वित्तिय सलाहकार एवं मुख्य लेखाधिकारी एवं मुख्य अभियन्ता (मुख्यालय) इसके सदस्य है। यह समिति समय-समय पर नये पदों के सृजन और पदों सम्बन्धी रिव्यू का कार्य करती है। 
 

जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग की संरचना

शासन प्रमुख सचिव,  जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग इस विभाग के प्रशासनिक मुखिया है। विभाग में मुख्य अभियन्ता, अतिरिक्त मुख्य अभियन्ता, अधीक्षण अभियन्ता, अधिशासी अभियन्ता, सहायक अभियन्ता, एवं कनिष्ठ अभियन्ता गणों के द्वारा विभागीय कार्य संपादित किया जाता है।

1. Chief Engineer (SP & EAP), Jaipur
 

 

2. C.E.(Adm.) & T.M. RWSSMB, Jaipur

3. Chief Engineer (Rural), Jaipur

4. Chief Engineer (HQ), Jaipur

 

5. Chief Engineer (Project), Jodhpur

 

विभिन्न मुख्य अभियंताओं का कार्य क्षेत्र निम्न प्रकार है :- 

1- मुख्‍य अभियंता (प्रशासन)  एवं तकनीकी सदस्य :-  

राजस्थान जल प्रदाय एवं सीवरेज प्रबन्ध मण्डल जयपुर।  इनके द्वारा राजपत्रिक एवं अराजपत्रिक संवर्ग का समस्‍त संस्‍थापन कार्य एवं वादकरण एवं जॉच संबधी कार्य देखा जाता है।

2- मुख्य अभियंता ( मुख्यालय) :-

शहरी जल प्रदाय एवं सीवरेज योजनाओं का संधारण का कार्य देखते है और केन्द्रीयकृत, खरीद व अन्य कार्यो का पर्यवेक्षण करते है। 

3- मुख्य अभियंता (ग्रामीण) :-

ग्रामीण जलप्रदाय योजनाओं एवं नलकूप वेधन से संबंधित कार्यो को देखते है। 

4- मुख्य अभियंता (विशेष परियोजना) जयपुर/ मुख्य अभियंता (परियोजना) जोधपुर :-

यह उन सभी शहरी और ग्रामीण वृहद परियोजनाओं के कार्यो का पर्यवेक्षण करते है, जिनिकी लागत 25 करोड से अधिक है।

विभिन्न मुख्‍य अभियंता/अतिरिक्त मुख्‍य अभियंताओं का कार्यक्षेत्र जिले अनुसार :- 

1- मुख्य अभियंता (विशेष परियोजना),  जयपुर :- 

जोधपुर, पाली, सिरोही, जालौर, बाड़मेर तथा जैसलमेर जिलों के अतिरिक्त प्रांत के सभी जिलों की वृहद परियोजनाओं सम्बन्धी कार्य। 

2- मुख्य अभियंता (परियोजना),  जोधपुर :- 

जोधपुर, पाली, सिरोही,  जालौर,  बाड़मेर तथा जैसलमेर  जिलों की वृहद परियोजनाओं सम्बन्धी कार्य। 

1- अतिरिक्त मुख्य अभियंता, क्षेत्र जयपुर :-  

इनके अधीन जयपुर,  दौसा,  सीकर,  अलवर व झुन्झुनु जिले है। 

2- अतिरिक्त मुख्य अभियंता, क्षेत्र भरतपुर :-  

इनके अधीन भरतपुर,  सवाई माधोपुर,  करौली व धौलपुर जिले है।

3- अतिरिक्त मुख्य अभियंता, क्षेत्र कोटा :- 

इनके अधीन कोटा,  बारां,  बूंदी व झालावाड़ जिले है। 

4-
अतिरिक्त मुख्य
अभियंता, क्षेत्र जोधपुर :- 

इनके अधीन जोधपुर, पाली,  सिरोही,  जालौर,  बाड़मेर तथा जैसलमेर जिलें है।

5- अतिरिक्त मुख्य अभियंता, क्षेत्र बीकानेर :- 

इनके अधीन बीकानेर,  चुरू,  हनुमानगढ़ एवं गंगानगर जिलें हैं।

6- अतिरिक्त मुख्य अभियंता, क्षेत्र अजमेर :-  

इनके अधीन अजमेर,  भीलवाडा़, टोंक, व नागौर जिले है। 

7- अतिरिक्त मुख्य अभियंता, क्षेत्र उदयपुर :-  

इनके अधीन उदयपुर,  राजसमन्द, बांसवाडा़,  डूंगरपुर, चितौडगढ़ व प्रतापगढ़ जिले है। 

8- अतिरिक्त मुख्य अभियंता, ड्रिलिंग क्षेत्र जयपुर :-  

यह विभागीय रिगों से नलकूप बनाने का कार्य देखते है। 

9- अतिरिक्त मुख्य अभियंता (ग्रामीण),  जयपुर :-  

यह मुख्य अभियन्ता (ग्रामीण) के कार्यो में सहयोग करते है। इसके अतिरिक्त विभागीय कम्प्युटराईजेशन कार्य के नोडल अधिकारी हैं।

10- अतिरिक्त मुख्य अभियंता (शहरी) ,  जयपुर :-   

यह मुख्य अभियन्ता ( मुख्यालय) के कार्यो में सहयोग करते है। 

11- अतिरिक्त मुख्य अभियंता (परियोजना),  अजमेर :-   

अजमेर, नागोर, भीलवाडा़ जिलों की वृह्द परियोजनाओं सम्‍बन्‍धी कार्य 

12- अतिरिक्त मुख्य अभियंता (परियोजना),  भरतपुर :-

भरतपुर, धौलपुर ,करौली, सबाईमाधोपुर जिलों की वृह्द परियोजनाओं सम्‍बन्‍धी कार्य

13- अतिरिक्त मुख्य अभियंता, बीसलपुर परियाजना,  जयपुर :-

यह जयपुर एवं टोंक जिले की वृह्द परियोजनाओं सम्‍बन्‍धी कार्य

रासायन शाखा

जल की रासायनिक एवं जीवाणु परीक्षण जांच, वितरित किये जा रहे पेयजल की गुणवत्ता जांच एवं परीवीक्षण हेतु विभाग में रसायनज्ञ शाखा कार्यरत है। इस कार्य हेतु प्रान्त के सभी 33 जिलों में प्रयोगशालाएं कार्यरत है। इस शाखा में निम्न पदों पर अधिकारी कार्यरत है। 

1- मुख्य रसायनज्ञ
2- अधीक्षण रसायनज्ञ
3- वरिष्ठ रसायनज्ञ
4- कनिष्ठ रसायनज्ञ